Matlabi Dost Shayari in Hindi: स्वागत है आपका एक और नए पेज पर जहाँ आप पाएंगे मतलबी दोस्तों पर हिंदी शायरी फोटो, copy paste और download बटन के साथ। आप में से कई लोगों के ऐसे दोस्त भी होंगे जो मतलबी जिनसे आप सिर्फ नाम की दोस्ती रखते हैं। ऐसे लोगों के लिए आज मैं आपके लिए कुछ शायरी और स्टेटस लेकर आयी हूँ।
मतलबी दोस्तों की पहचान अक्सर वक़्त पड़ने पर ही होती है। दुनिया में सच्चे दोस्त मिलना जितना खुशनसीब होता है, मतलबी दोस्तों से पाला पड़ना उतना ही बड़ा सबक। दोस्ती का रिश्ता दिल से जुड़ा होता है, लेकिन जब इसमें स्वार्थ आ जाता है, तो यह रिश्ता सिर्फ एक छलावा बनकर रह जाता है। ऐसे ही झूठे दोस्तों और उनकी फितरत पर शायरी हमारे दिल के दर्द को बयां करने का एक बेहतरीन जरिया बनती है।
Matlabi Dost Shayari in Hindi
जब तक आपका वक़्त अच्छा रहता है, ऐसे दोस्त हमेशा आपके आस-पास मंडराते रहेंगे। लेकिन जैसे ही कठिन समय आता है, वे नज़रें चुराने लगते हैं। ऐसे jhoote dost सिर्फ अपनी ज़रूरत पूरी करने के लिए रिश्ता रखते हैं।
जब तक काम था, तब तक हम खास थे,
काम निकलते ही हम उनके लिए आम हो गए।

मतलब की दुनिया थी, इसलिए छोड़ दिया सबसे मिलना,
वरना ये छोटी सी उम्र तन्हाइयों के काबिल न थी।
परखने में तो पूरी ज़िंदगी गुज़र गई,
काश समझ पाता कि दोस्ती सिर्फ़ मतलब तक थी।
चेहरे पर मुस्कान और दिल में छल रखते हैं,
आजकल के दोस्त मतलब का हिसाब रखते हैं।

मतलबी लोग कभी किसी के नहीं होते,
काम निकल जाए तो मुड़कर भी नहीं देखते।
जिनकी आँखों में सिर्फ़ स्वार्थ का पानी था,
हम समझते रहे वो दोस्ती की निशानी था।
काम पड़ा तो भाई-भाई कहने लगे,
ज़रूरत खत्म हुई तो पहचाने से भी मुकरने लगे।

जिनकी ख़ातिर हम ज़माने से लड़ गए,
वही मतलबी दोस्त वक्त आने पर पीछे हट गए।
दोस्ती का नक़ाब पहनकर जो साथ चलते थे,
असल में वो मेरी ही बर्बादी के ख़्वाब बुनते थे।
मीठी बातों के पीछे कड़वाहट छुपा रखी थी,
उस मतलबी दोस्त ने हर रोज़ नई चाल बिछा रखी थी।
हम जिसे अपनी जान से ज़्यादा अज़ीज़ मानते रहे,
वो हर कदम पर अपने मतलब का मोल तोलते रहे।
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पीठ पर ज़ख़्म देकर जो हाल पूछते हैं,
आजकल ऐसे ही लोग ख़ुद को दोस्त कहते हैं।

गर्ज़ पूरी हुई तो पहचान भी भूल गए,
वो जिन्हें हम अपनी ज़िंदगी का हिस्सा मान गए।
सादगी पर हमारी वो ताली बजाते रहे,
और पीछे से दोस्ती का मोल लगाते रहे।
मीठी बातों का शहर बसा रखा था उन्होंने,
पर नीयत में ज़हर छुपा रखा था उन्होंने।

जब तक फ़ायदा था, तब तक हम अज़ीज़ थे,
घाटा होते ही हम उनकी नज़रों में रद्दी की चीज़ थे।
वक्त की आंधी ने जब उड़ाया नक़ाब उनका,
सामने आया मतलबी और झूठा हिसाब उनका।
भीड़ में जो हाथ थामने का दावा करते थे,
तन्हाई में वही सबसे पहले किनारे करते थे।

यारी के नाम पर जो हर बार छलावा कर गए,
ज़रूरत पूरी होते ही वो अपना रास्ता बदल गए।
अब समझ आया कि वो इतना करीब क्यों आया था,
दोस्ती का नहीं, वो तो सिर्फ़ अपने काम का साया था।
पीठ पीछे खंजर घोंपने का हुनर उनसे सीखे कोई,
ऐसे मतलबी दोस्तों से तो तन्हाई ही अच्छी है भाई।
महफ़िल में साथ थे तो लगा अपने हैं,
मुसीबत आई तो पता चला सब सिर्फ़ दिखावे के सपने हैं।
अगर हम पीछे मुड़कर देखें, तो रिश्ते हमेशा ऐसे नहीं थे। बचपन के दिन याद करें तो दिल में कोई छल-कपट नहीं होता था। उस मासूम दौर में बिना किसी स्वार्थ के जो रिश्ते बनते थे, वे bachpan ki dosti के रूप में हमेशा यादों में महकते रहते हैं। जैसे-जैसे इंसान बड़ा होता है, दुनियादारी और मतलब के रिश्ते उस मासूमियत को पीछे छोड़ देते हैं।
Matlabi Dosti Shayari Status with Images
मतलब की इस दुनिया में कौन किसका होता है,
वही धोखा देता है जिस पर भरोसा होता है।

वक्त पड़ा तो जान भी वारेंगे, ऐसा कहने वाले लोग,
जब मतलब निकल गया तो पहचानते भी नहीं।
हम समझदार थे जो वफ़ा ढूँढते रहे,
वो सियाने निकले जो मतलब निकाल के चल दिए।
चेहरे पर मुस्कान और दिल में ज़हर रखते हैं,
कुछ दोस्त दोस्ती के नाम पर भी व्यापार करते हैं।

ज़रूरत थी तो हमारी महफ़िल का वो सितारा थे,
ज़रूरत ख़त्म हुई तो हम उनके लिए आवारा थे।
मतलब की दोस्ती का भी अपना एक दस्तूर है,
काम निकलते ही इंसान नज़र से दूर है।
जिनको हमने अपना माना, वो सौदागर निकले,
ज़रूरत के लिए आए और काम होते ही मुकर गए।

दिलों में नफ़रत और ज़बाँ पर मिठास रखते हैं,
अब लोग दोस्ती भी अपने फ़ायदे के पास रखते हैं।
साए की तरह साथ चलते थे जो कभी,
अँधेरा क्या हुआ, पहचान भी भूल गए।
मतलबी दोस्तों की एक ही कहानी होती है,
ज़रूरत में यारी और काम के बाद अनजानी होती है।
हम चिराग़ जलाकर जिनकी राहें रोशन करते रहे,
काम निकलते ही वो हमें अँधेरों में ढकेलते रहे।
रिश्ता रखा भी तो सिर्फ़ अपने फायदे के लिए,
हम खामखां मरते रहे उनकी झूठी अदा के लिए।
ज़रूरत के वक्त जो गिड़गिड़ाते हैं आपके सामने,
काम बनते ही वही आँखें दिखाते हैं आपको ज़माने में।
हर दोस्त मतलबी नहीं होता। दुनिया में आज भी ऐसे लोग हैं जो हर मोड़ पर आपका साथ निभाते हैं और मुश्किलों में ढाल बनकर खड़े रहते हैं। यही pakki dosti shayari के असल हकदार होते हैं, जो यह साबित करते हैं कि अगर नियत साफ़ हो, तो दोस्ती का रिश्ता दुनिया का सबसे ख़ूबसूरत रिश्ता बन सकता है।
मतलबी दोस्त भले ही आपको कुछ समय के लिए दुखी या निराश कर दें, लेकिन वे आपको इंसान परखने की एक बहुत बड़ी सीख देकर जाते हैं। इन शायरियों के साथ आप हमारी ज़िन्दगी पर शायरी देखना न भूलें। जीवन में भीड़ इकट्ठा करने से बेहतर है कि आपके पास कुछ ही दोस्त हों, लेकिन वे सच्चे और वफ़ादार हों। मतलबी लोगों से दूरी बनाकर रखें और उन सच्चे रिश्तों की कद्र करें जो हर हाल में आपके साथ खड़े रहते हैं।